वित्तीय विवरण (Financial Statement)
वित्तीय विवरण
(Financial Statement)
व्यवसाय में होने वाले लेन-देनों का अभिलेखन करना आवश्यक होता है। इन्हीं लेखों से वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं। वित्तीय विवरणों से व्यवसाय की स्थिति स्पष्ट होती है। वित्तीय विवरण प्रबन्धन, कर्मचारियों, सरकार तथा अन्य पक्षों के लिये भी महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रदान करते हैं।
✓ वित्तीय विवरण का आशय एवं परिभाषाएँ (Meaning and Definitions of Financial Statement)
वित्तीय सूचनाओं की जानकारी प्रदान करने वाले विवरण पत्र को ही वित्तीय विवरण पत्र कहते हैं। दूसरे शब्दों में, वित्तीय विवरण से आशय ऐसे प्रलेखों से है जो वित्तीय सूचनाओं को आन्तरिक तथा बाहरी पक्षों को प्रदान करते हैं। वित्तीय विवरण को वित्तीय प्रतिवेदन या वार्षिक रिपोर्ट भी कहते हैं। इसमें आर्थिक चिट्ठा, लाभ-हानि खाता, रोकड़ प्रवाह विवरण आदि शामिल होते हैं।
रॉबर्ट एन. एन्थोनी के अनुसार, "वित्तीय विवरण प्रस्तुत की जाने वाली वार्षिक अन्तरिम रिपोर्ट जो व्यवसाय के जीवन के एक खण्ड की, जो एक वर्ष की अवधि होती है प्रतिबिम्बित करती है।"
जान एन. मेयर के अनुसार, “वित्तीय विवरण एक व्यवसाय के खातों के सारांश, आर्थिक चिट्ठे में सम्पत्तियों, दायित्वों तथा पूँजी की स्थिति को विशेष अवधि के अन्तर्गत तथा परिचालन के आय विवरण को प्रदर्शित करते हैं।"
✓ वित्तीय विवरणों के उद्देश्य (Objectives of Financial Statements)
वित्तीय विवरणों के उद्देश्य निम्नलिखित हैं -
1. विश्वसनीय वित्तीय सूचनाएँ प्रदान करना (Providing Reliable Financial Information)— वित्तीय विवरणों का प्रमुख उद्देश्य व्यवसाय से सम्बन्धित सभी वित्तीय सूचनाओं को प्राप्त करके, सूचनाएँ उपलब्ध कराना है जिससे कि आन्तरिक एवं बाहरी पक्षों को इन सूचनाओं की जानकारी हो सके।
2. व्यापार की आय का अनुमान लगाना (Estimating Business Income) - वित्तीय विवरणों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं के आधार पर व्यवसाय की आय का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। ऐसी आय का पूर्वानुमान लगाने से अन्य योजनाएँ एवं नीतियाँ बनाने में सहायता मिलती है।
3. वित्तीय स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराना (Providing Knowledge of Financial Position) - वित्तीय विवरणों से मिलने वाली सूचनाओं से व्यवसाय की वित्तीय स्थिति की जानकारी हो जाती है तथा इस जानकारी के आधार पर वित्त के सम्बन्ध में योजनाएँ बना ली जाती हैं।
4. बाहरी पक्षों को सूचनाओं की जानकारी (Providing Information to External Users ) - वित्तीय विवरण आन्तरिक पक्ष के साथ-साथ बाहरी पक्ष को भी सूचनाएँ उपलब्ध कराता है बाहरी पक्ष में मुख्यतः अंशधारी, ऋणदाता तथा वित्तीय संस्थाएँ शामिल होती हैं।
5. योजनाएँ एवं नीतियाँ बनाने में सहायता करना (Help in Formulating Plans and Policies) - वित्तीय विवरणों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं के आधार पर ही व्यवसाय में विभिन्न योजनाएँ तथा नीतियाँ बनायी जाती हैं। अतः यह इनका एक मुख्य उद्देश्य है।
6. परिवर्तनों की सूचनाएँ प्रदान करना (Providing Information Regarding Changes ) - वित्तीय विवरणों का एक उद्देश्य निश्चित अवधि में हुए परिवर्तनों की सूचना प्रदान करना है। इसमें रोकड़ प्रवाह विवरण, कोष प्रवाह विवरण तथा अन्य वित्तीय विवरण भी शामिल होते हैं।
7. वित्तीय पूर्वानुमान द्वारा वित्तीय प्रबन्ध में सहायता करना (Help in Financial Management through Financial Forecasting) - वित्तीय विवरणों का एक मुख्य उद्देश्य वित्तीय पूर्वानुमान में सहायता करना है। वित्तीय विवरणों से वित्त के सम्बन्ध में प्राप्त होने वाली जानकारियों से वित्तीय पूर्वानुमान लगाये जाते हैं। जिससे वित्तीय प्रबन्ध में सहायता मिलती है।
✓ वित्तीय विवरणों की प्रकृति (Nature of Financial Statements)
वित्तीय विवरणों की प्रकृति निम्नलिखित है -
1. सारांश (Summary) - वित्तीय विवरण प्रत्येक व्यवसाय के सम्बन्ध में सारांशीकृत एवं निष्कर्षात्मक विवरण प्रस्तुत करते हैं।
2. लेखांकन धारणाएँ, परम्पराएँ एवं मान्यताएँ (Accounting Concepts, Conventions and Assumptions) - वित्तीय विवरण लेखांकन की धारणाओं, परम्पराओं एवं मान्यताओं के अनुसार तैयार किये जाते हैं।
3. लेखांकन तथ्यों पर आधारित (Based on Accounting Records ) - वित्तीय विवरण लेखांकन तथ्यों पर आधारित होते हैं। व्यापार में अनेक ऐसी गैर वित्तीय घटनाएँ भी होती हैं जो व्यवसाय के लिये महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसी घटनाओं को वित्तीय विवरण में शामिल न किये जाने के कारण वित्तीय विवरण व्यवसाय की वास्तविक स्थिति को प्रदर्शित नहीं करते हैं।
4. विश्वसनीयता लेखांकन समंकों की शुद्धता व सत्यता पर निर्भर (Realiability Depends on Accuracy and Correctness of Accounting Data) - वित्तीय विवरणों लेखांकन समंकों की विश्वसनीयता पर निर्भर होते हैं। लेखांकन समंकों की विश्वसनीयता लेखांकन समंकों की सत्यता एवं शुद्धता पर निर्भर होते हैं। लेखांकन समंकों के त्रुटिरहित होने पर ही वित्तीय विवरण विश्वसनीय होते हैं।
5. व्यक्तिगत निर्णयों से प्रभावित होने वाले (Affected by Personal Decisions) – वित्तीय विवरणों पर व्यक्तिगत निर्णयों का प्रभाव भी पड़ता है। जैसे-ह्रास के लिए कौन-सी पद्धति का प्रयोग किया जाये ? स्टॉक का मूल्यांकन किस आधार पर किया जाये ? आदि।
6. व्यावसायिक वर्ष के अन्त में प्रस्तुत (Presented at the end of Business Year) - वित्तीय विवरण व्यावसायिक वर्ष या लेखांकन वर्ष की समाप्ति पर तैयार किये जाते हैं। इससे व्यवसाय से सम्बन्धित सभी पक्षों को व्यवसाय की वित्तीय स्थिति की जानकारी प्राप्त होती है।
✓ आदर्श वित्तीय विवरण की विशेषताएँ (Characteristics of Ideal Financial Statement)
आदर्श वित्तीय विवरण की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं
1. सरलता (Simple and Easy ) - वित्तीय विवरण ऐसे होने चाहिए जिन्हें आसानी से समझा जा सके। इसमें की जाने वाली गणनाएँ सरल होनी चाहिए।
2. संक्षिप्तता (Brevity) - वित्तीय विवरण संक्षिप्त होने चाहिए। अनावश्यक रूप से बड़े वित्तीय विवरण को समझने में कठिनाई होती है, इसलिए, वित्तीय विवरणों में संक्षिप्तता का गुण होना चाहिए।
3. आकर्षक (Attractive) - वित्तीय विवरणों में आर्कषण होना चाहिए। इसके लिए रेखाचित्र तथा मुख्य बिन्दुओं को रंगीन बनाने का प्रयास करना चाहिए जिससे कि पढ़ने वाले का ध्यान इनकी ओर आकर्षित हो सके।
4. विश्वसनीयता (Reliability) - वित्तीय विवरणों में विश्वसनीयता का होना भी आवश्यक है। इसके लिये वित्तीय विवरणों में उन सूचनाओं को प्रदर्शित करना चाहिए जिनका सत्यापन किया जा सके।
5. पूर्णता (Completeness) - वित्तीय विवरणों में पूर्णता का होना आवश्यक है। अपूर्ण सूचनाएँ पढ़ने वाले को भ्रमित कर सकती हैं। इसलिए सभी सूचनाएँ पूर्ण होनी चाहिए।
6. स्पष्टता (Clarity) - वित्तीय विवरण स्पष्ट होने चाहिए। भ्रमित करने वाले तथ्यों या भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। सभी सूचनाओं में स्पष्टता का गुण होना आवश्यक है।
7. तुलना योग्य (Comparable) - वित्तीय विवरण ऐसे होने चाहिए जिससे कि उनकी तुलना अन्य विवरणों के साथ की जा सके।
8. शीघ्रता (Promptness) - वित्तीय विवरणों को वित्तीय वर्ष के अन्त के तुरन्त बाद प्रकाशित कर देना चाहिए, जिससे कि, सम्बन्धित पक्षकार ऐसी सूचनाओं का अध्ययन करके अपने निर्णय शीघ्र ले सकें।
9. शुद्धता (Accuracy) - वित्तीय विवरणों में शुद्धता का गुण होना आवश्यक है। जिन सूचनाओं को वित्तीय विवरण का आधार बनाया जाता है वे सूचनाएँ शुद्ध एवं पूर्ण होनी चाहिए।
10. प्रासंगिकता (Relevancy) - वित्तीय विवरणों में दी जाने वाली सूचनाएँ प्रासंगिक एवं उद्देश्यों के अनुसार होनी चाहिए। अनावश्यक सूचनाओं को वित्तीय विवरणों में प्रदर्शित नहीं करना चाहिए।
11. सुगमता (Intelligibility) - वित्तीय विवरण ऐसे होने चाहिए कि लेखांकन सिद्धान्तों का ज्ञान न रखने वाले व्यक्तियों को भी आसानी से समझ में आ सके।
12. सत्यता (Correctness) - वित्तीय विवरणों में सत्यता या यथार्थता का गुण होना भी आवश्यक है। यदि सूचनाएँ सत्य नहीं होंगी तो उन पर कोई भी पक्ष विश्वास नहीं करेगा।
✓ वित्तीय विवरणों के लाभ (Advantages of Financial Statements)
वित्तीय विवरणों के लाभ निम्नलिखित हैं -
1. वित्तीय विवरणों से व्यवसाय के बाहरी पक्षों को अपने निर्णय लेने में आसानी होती है।
2. वित्तीय विवरणों से व्यवसाय की वित्तीय स्थिति की जानकारी प्राप्त हो जाती है।
3. वित्तीय विवरणों से अन्य विवरणों की तुलना की जा सकती है।
4. वित्तीय विवरणों के आधार स्कन्ध विपणि में अंशों का मूल्य निर्धारित होता है।
5. वित्तीय विवरण लेखांकन सिद्धान्तों का ज्ञान न रखने वाले व्यक्ति भी आसानी से समझ लेते हैं।
6. वित्तीय विवरण से शीघ्र सूचनाएँ प्राप्त हो जाती हैं।
✓ वित्तीय विवरणों के दोष या सीमाएँ (Disadvantages or Limitations of Financial Statements)
वित्तीय विवरणों के दोष या सीमाएँ निम्नलिखित हैं -
1. वित्तीय विवरण ऐतिहासिक लागत के आधार पर तैयार किये जाने के कारण वर्तमान स्थिति को प्रतिबिम्बित नहीं करते हैं।
2. वित्तीय विवरणों से कुछ अति महत्वपूर्ण सूचनाएँ नहीं मिलती हैं। जैसे-किसी समझौते के उल्लंघन की सूचना आदि।
3. वित्तीय विवरणों से प्राप्त जानकारी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं हो पाती है, जिसका कारण, प्रबन्ध लेखापाल का सीमित ज्ञान है।
4. वित्तीय विवरणों में एकरूपता का अभाव होता है।
5. वित्तीय विवरण केवल अन्तरिम लाभ दर्शाते हैं, अन्तिम लाभ नहीं।
6. वित्तीय विवरणों में उचित प्रमापों का अभाव होता है।
✓ वित्तीय विवरणों की उपयोगिता अथवा महत्व (Importance of Financial Statements)
वित्तीय विवरणों की उपयोगिता अथवा महत्व निम्नलिखित है -
1. विनियोगकर्ताओं के लिए (For Investors) - विनियोगकर्ताओं में अंशधारी, ऋणपत्रधारी, आदि शामिल होते हैं। अंशधारियों को वित्तीय विवरणों से निम्नलिखित सूचनाएँ प्राप्त होती हैं -
(i) व्यवसाय की आर्थिक स्थिति,
(ii) व्यवसाय की लार्भाजन क्षमता,
(iii) अंशों का मूल्य,
(iv) पूँजी संरचना ।
2. प्रबन्धकों के लिए (For Managers) – किसी भी व्यवसाय के प्रबन्धकों को वित्तीय विवरणों द्वारा जो सूचनाएँ प्राप्त होती हैं उससे प्रबन्धकों को निम्नलिखित कार्यों में सहायता मिलती है
(i) कार्यकुशलता का मापन,
(ii) कार्य प्रगति का मापन,
(iii) निर्णय लेने,
(iv) समन्वय एवं संगठन आदि।
3. कर्मचारियों के लिए (For Employees) – कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएँ, वेतन, मजदूरी आदि व्यवसाय की वित्तीय स्थिति एवं लाभ पर निर्भर होती हैं। इसलिए कर्मचारी वित्तीय विवरणों से प्राप्त होने वाली जानकारियों में रुचि रखते हैं।
4. व्यापारिक लेनदारों के लिए (For Trade Creditors) - व्यापारिक लेनदारों को वित्तीय विवरणों से शोधन क्षमता तथा समय पर धन के भुगतान के आश्वासन की जानकारी प्राप्त होती है। इसी के आधार पर ये व्यवसाय को अल्पकालीन ऋण प्रदान करते हैं।
5. ऋणदाताओं के लिए (For Lenders) — बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं को ऋण के वापस करने तथा ब्याज का भुगतान करने सम्बन्धी जानकारियाँ वित्तीय विवरणों से प्राप्त हो जाती हैं जिनके आधार पर बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थाएँ ऋण प्रदान करने से सम्बन्धित निर्णय लेते हैं।
6. सरकार के लिए (For the Government) - वित्तीय विवरण सरकार के लिए भी बहुत अधिक उपयोगी है। वित्तीय विवरणों में उपलब्ध जानकारी उपयोगी होती है
(i) अंशधारियों की सुरक्षा के लिए,
(ii) राष्ट्रीय आय की गणना के लिए,
(iii) आयकर की गणना के लिए,
(iv) जीएसटी की गणना के लिए।
7. उपभोक्ताओं के लिए (For Consumers) - वित्तीय विवरणों से उपभोक्ताओं को वस्तु के मूल्य, वस्तु की किस्म आदि के सम्बन्ध में सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।
8. स्टॉक एक्सचेंज के लिए (For Stock Exchange) - वित्तीय विवरणों से स्टॉक एक्सचेंज को अंशों के मूल्य तथा अंशों के क्रय तथा विक्रय करने के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।
9. जनता के लिए (For Public) - वित्तीय विवरणों से जनता को व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व पूरा करने के सम्बन्ध में जानकारी होती है।
10. अन्यों के लिए (For Others) - वित्तीय विवरण अन्य सभी के लिए भी महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रदान करते हैं।
✓वित्तीय विवरण के प्रकार -
1. आर्थिक चिट्ठा
2. लाभ - हानि विवरण
3. कोष प्रवाह विवरण
4. रोकड़ प्रवाह विवरण
✓वित्तीय विवरण के संघटक -
1. वैधानिक वित्तीय विवरण
2. ऐच्छिक वित्तीय विवरण
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