सफल व्यवसायी के गुण ( Qualities of a Successful Businessman )

 सफल व्यवसायी के गुण
( Qualities of a Successful Businessman )
व्यवसाय में सफलता प्राप्त करना सरल नहीं है। इसके लिए व्यवसायी को अपने कुछ नियम निर्धारित करने पड़ते हैं। इन नियमों का अनुसरण करना व्यापार में सफलता प्राप्त करने के लिए नितान्त आवश्यक है। इन नियमों के अतिरिक्त कुछ ऐसी बाते हैं, जिनका व्यापार में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति में होना आवश्यक है। व्यावसायिक सफलता के लिए एक व्यवसायी में निम्नलिखित गुणों का होना आवश्यक है -

 (1) व्यवसायी का व्यक्तित्व (Personality of Businessman) - व्यावसायिक सफलता व्यवसायी के व्यक्तित्व पर निर्भर करती है। प्रभावी व्यक्तित्व का धनी वह व्यवसायी कहलायेगा जिसका शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास उच्च कोटि का है। उसकी मुखाकृति आकर्षक होनी चाहिए, उनका हृष्ट-पुष्ट और स्वस्थ होना भी आवश्यक है। उसको हमेशा अपने चेहरे पर मुस्कान रखनी चाहिए। व्यवसायी को आत्मविश्वासी भी होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि आत्मविश्वास प्रभावशाली का एक मूलभूत अंग है।

(2) सच्चाई एवं आदर्श (Honesty and Morality) - व्यावसायिक सफलता के लिए व्यवसायी का ईमानदार होना बहुत आवश्यक है। अंग्रेजी की एक प्रसिद्ध कहावत है कि 'Honesty is the best policy'. जो व्यवसायी ईमानदार होते हैं एवं आदर्शवादी होते हैं, सब उनकी प्रशंसा करते हैं तथा ग्राहक स्वतः ही उनकी ओर आकर्षित होते हैं। व्यापारी को सदैव अपनी प्रतिष्ठा बनाये रखनी चाहिए, उनको सदैव सत्य वचन बोलने चाहिए। 

(3) व्यावसायिक योग्यता, शिक्षा और प्रशिक्षण (Business Ability, Education and Training) - व्यापार में व्यवसायी को अनुभवी होने के साथ-साथ पढ़ा-लिखा होना और व्यवसाय सम्बन्धी प्रशिक्षण प्राप्त होना लाभदायक रहता है। व्यापार में सफलता पाने के लिए आवश्यक है कि वह योग्य, अनुभवी, शिक्षित तथा प्रशिक्षित हो। आज का युग साधारण युग नहीं, चारों ओर कड़ी प्रतिस्पर्धा है। प्रतिस्पर्धा का सफलतापूर्वक सामना वही व्यक्ति कर सकता है जो योग्य तथा प्रशिक्षित हो।

(4) अथक परिश्रमी (Laborious) - व्यवसाय में सफलता पाने के लिए व्यवसायी का परिश्रमी होना बहुत आवश्यक हैं। परिश्रम सफलता की कुंजी है। जो व्यक्ति परिश्रमी होगा वह अपने नियंत्रण में कार्य करने वाले समस्त कर्मचारियों से भी परिश्रमपूर्वक कार्य करा सकता है।

(5) अनुशासनप्रिय (Disciplinarian) - कोई भी कार्यालय चाहे वह सरकारी, अर्द्ध-सरकारी या व्यापारिक कार्यालय ही क्यों न हो, अनुशासन हर जगह आवश्यक है। बिना अनुशासन के कोई भी कार्य सम्भव नहीं है। यदि व्यवसायी अनुशासनप्रिय है तो वह अपने कार्यालय में पूर्ण अनुशासन रखेगा तथा उसको अपने कार्य में सफलता अवश्य मिलेगी।

(6) विवेक एवं कल्पनाशील (Rational)– किसी भी कार्य को करने से पहले उसके बारे में हर प्रकार का आगा-पीछा सोच लेना चाहिए। व्यापार में तो यह और भी आवश्यक है। अतः प्रत्येक व्यवसायी के लिए यह आवश्यक है कि वह किसी भी निर्णय को लेने से पहले उसकी अच्छाई और बुराई के बारे में अच्छी प्रकार में मनन कर ले तत्पश्चात् अपना अन्तिम निर्णय ले।ऐसा करने में उसे सदैव ही सफलता प्राप्त होगी।

(7) व्यवसाय में रुचि (Personal Inclination) - व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यवसायी की व्यक्तिगत रूचि अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती है। एक व्यक्ति उस काम को अच्छे से करेगा जिसको करने में उसकी स्वयं की इच्छा हो; जैसे— अमेरीका के हेनरी फोर्ड, उनको व्यक्तिगत रुचि थी कि वे मोटर का कारखाना खोलें। उनकी सफलता का श्रेय व्यक्तिगत रूचि को ही था। आज सर हेनरी फोर्ड विश्व के जाने माने उद्योगपति में से एक हैं।

(8) ग्राहकों की संतुष्टि (Satisfaction of Customers) - "ग्राहक सारे व्यवसाय का केंद्र है" इस स्वर्ण नियम को व्यवसाय में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों को नहीं भूलना चाहिए। यह सदैव याद रखना चाहिए कि 'व्यापार ग्राहक के लिए हैं, ग्राहक व्यापार के लिए नहीं।' व्यापार का उद्देश्य ग्राहक को आकर्षित करना और उनको संतुष्टि प्रदान करना होना चाहिए।

(9) समय का मूल्यांकन (Evalution of Time) - "समय ही धन हैं" जो व्यवसायी इस बात को ध्यान में रखकर चलता है, वह सदैव सफल होता है। आज व्यवसाय का सारा कार्य अनुमान पर निर्भर न होकर वास्तविकता पर निर्भर है आज व्यवसाय 'आवश्यकताओं का जाल' बनकर रह गया है और जिस व्यवसायी ने इसे शीघ्र पहचान लिया, वही सफल व्यवसायी है। 

(10) कर्मचारियों के प्रति अच्छा व्यवहार (Good Behaviour to the Worker) - कर्मचारी व्यवसाय के सजीव यंत्र हैं। टेलर के अनुसार, "कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए और उनकी कुशलता, कल्याण एवं सन्तुष्टि का पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये। कर्मचारी ही व्यवसाय को क्रियाशील संगठन का रूप देते हैं। उनके संतोष के बिना व्यवसाय सफल नहीं हो सकता है। अच्छे व्यवहार से कर्मचारियों का सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।"

Thank you for reading this article 😊🙂

Comments

Popular posts from this blog

Youtube Thumbanil Downloader

एकाकी व्यवसाय (Sole Trade)

व्यावसायिक संगठन के स्वरूप ( Form of Business Organisation )